ॐ
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जीवन एक यात्रा है
कर्म ही उसकी पहचान
कर्म ही उसकी पहचान
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॥ श्रद्धांजलि ॥
स्व. श्री जगदीश चंद्र सोलंकी
जन्म : 21 मार्च 1952 — निधन : 01 अगस्त 2026
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कबीरा जब हम पैदा हुए, जग हँसे हम रोये।
ऐसी करनी कर चलो, हम हँसे जग रोये॥
ऐसी करनी कर चलो, हम हँसे जग रोये॥
— संत कबीर
आत्मा तो अमर है — वह केवल वस्त्र बदलती है।
वासांसि जीर्णानि यथा विहाय
नवानि गृह्णाति नरोऽपराणि।
तथा शरीराणि विहाय जीर्णान्यन्यानि
संयाति नवानि देही॥
नवानि गृह्णाति नरोऽपराणि।
तथा शरीराणि विहाय जीर्णान्यन्यानि
संयाति नवानि देही॥
— श्रीमद्भगवद्गीता
बाबूजी हमसे दूर नहीं गए — उनके कर्म,
संस्कार और स्नेह सदा हमारे साथ हैं।
संस्कार और स्नेह सदा हमारे साथ हैं।
उनकी आत्मा की शांति एवं पुण्य-स्मरण हेतु आयोजित
तेरहवीं · शांति पाठ एवं ब्रह्मभोज
दिनांक : 14 अगस्त 2026 (शुक्रवार)
समय : दोपहर 01:00 बजे
डी-328, ओल्ड मीनाल रेजीडेंसी, जे.के. रोड, भोपाल
(वैभव डेयरी के पीछे, मोगली गार्डन के पास)
शोकाकुल परिवार
लता सोलंकी · विकास सोलंकी · देवेंद्र (विशाल) सोलंकी
शशिकला (वैशाली) सोलंकी · एकता (वेदिका) सोलंकी
एवं समस्त सोलंकी परिवार
शशिकला (वैशाली) सोलंकी · एकता (वेदिका) सोलंकी
एवं समस्त सोलंकी परिवार
॥ ॐ शांति ॥